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कुल्लू के घटना और श्रम प्रधान गीत

जेठ-आषाढ़ में जब खेतों में धान रोपे जाते हैं तो घुटनों तक खेतों में पानी होता है। धान की पौध एक छोटी क्यारी से उखाड़ कर बड़े-बड़े खेतों में पुन: रोपी जाती है। रोपने के श्रम-प्रधान काम की थकावट को गीत गा-गा कर दूर किया जाता है। ओबू और ओबी किसी पुराने जमाने में प्रेमी-प्रेमिका हुए हैं, जिनका प्यार इसी परिवेश में पनपा था और अब उनके प्यार की याद लोकगीत में ताज़ा है। धान रोपने के कार्य को ‛रूहणी’ कहते हैं।

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